नारी स्वावलंबन, स्वरोजगार एवं नेतृत्व संवर्धन मिशन

महिला सशक्तिकरण एवं स्वावलंबन अभियान

“सशक्त नारी, समृद्ध परिवार – आत्मनिर्भर भारत का आधार”

युगभारती इन्द्रप्रस्थ फाउन्डेशन समाज के वंचित व ग्रामीण वर्ग की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर, सामाजिक रूप से सशक्त और जागरूक बनाने हेतु समर्पित है। हम स्वयं सहायता समूहों (SHG), लघु उद्योग प्रशिक्षण, डिजिटल एवं कानूनी साक्षरता के माध्यम से नारी शक्ति का सर्वांगीण उत्थान कर रहे हैं।

स्वयं सहायता समूह (SHG) गठन निःशुल्क स्वरोजगार व टूलकिट वित्तीय व कानूनी साक्षरता
42,000+
स्वावलंबी एवं प्रशिक्षित महिलाएं

Women Empowered

850+
गठित स्वयं सहायता समूह

Self-Help Groups Formed

1,200+
स्थापित महिला सूक्ष्म उद्यम

Micro-Enterprises Set Up

95%
वित्तीय आत्मनिर्भरता दर

Financial Independence Rate

हमारे मुख्य आयाम

महिला सशक्तिकरण के चार मुख्य स्तंभ

1. स्वयं सहायता समूह (SHG) व माइक्रो-फाइनेंस

ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में महिला समूहों का गठन, बचत की आदत और कम ब्याज पर ऋण सहायता।

  • बचत व ऋण खाता संचालन
  • बैंक लिंकेज व वित्तीय संबल

2. कौशल संवर्धन एवं गृह उद्योग प्रशिक्षण

सिलाई-कढ़ाई, हस्तशिल्प, अगरबत्ती निर्माण, खाद्य प्रसंस्करण और पैकेजिंग का व्यावहारिक प्रशिक्षण।

  • व्यावहारिक हस्तशिल्प प्रशिक्षण
  • निःशुल्क टूलकिट व कच्चा माल

3. कानूनी अधिकार एवं डिजिटल साक्षरता

महिलाओं को मौलिक अधिकारों, घरेलू हिंसा संरक्षण, साइबर सुरक्षा और डिजिटल भुगतान की संपूर्ण जानकारी।

  • विधिक सहायता व परामर्श
  • डिजिटल बैंकिंग व यूपीआई प्रशिक्षण

4. बाजार लिंकेज एवं ई-कॉमर्स सहयोग

महिला उद्यमियों द्वारा निर्मित उत्पादों को स्थानीय हाट-बाजार, प्रदर्शनियों व ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर पहचान।

  • शिल्प मेले व हाट प्रदर्शनी
  • ई-कॉमर्स व ब्रांडिंग सहयोग
हमारी कार्यप्रणाली

समूह गठन से स्वावलंबन तक (4-Step Empowerment Roadmap)

01

महिला समूह गठन व परामर्श

समुदाय में महिलाओं से संवाद, उनकी रुचि व क्षमता की पहचान और स्वयं सहायता समूहों (SHG) का गठन।

02

व्यावहारिक हुनर प्रशिक्षण

स्थानीय मांग के अनुरूप हस्तशिल्प, सिलाई, खाद्य निर्माण व लघु उद्योग का व्यावहारिक कौशल प्रशिक्षण।

03

वित्तीय संबल व टूलकिट सहायता

प्रशिक्षण उपरांत स्वावलंबन हेतु सिलाई मशीन, उपकरण किट और बैंक ऋण लिंकेज की सीधी सुविधा।

04

बाजार पहुंच व मेंटरशिप

उत्पादों की बिक्री हेतु बाजार, मेलों में स्टॉल और व्यवसाय विस्तार हेतु निरंतर मेंटरशिप सहयोग।

संसाधन एवं अवसंरचना

महिला स्वावलंबन अवसंरचना व सुविधाएं

महिला कौशल विकास केंद्र

आधुनिक सिलाई मशीनें, कढ़ाई फ्रेम, हस्तशिल्प टूल्स व व्यावहारिक कार्यशाला व्यवस्था।

SHG फेसिलिटेशन डेस्क

बैंक खाता खोलने, मुद्रा लोन एवं सरकारी योजनाओं (NRLM) का लाभ दिलाने में संपूर्ण सहयोग।

कानूनी व मनोवैज्ञानिक परामर्श प्रकोष्ठ

पारिवारिक अधिकार, घरेलू सुरक्षा व मानसिक संबल हेतु अनुभवी महिला वकीलों व काउंसलर्स की टीम।

उत्पाद बिक्री व प्रदर्शनी केंद्र

महिला समूहों द्वारा निर्मित वस्त्र, हस्तशिल्प व जैविक उत्पादों की स्थायी बिक्री व हाट व्यवस्था।

डिजिटल व वित्तीय साक्षरता लैब

स्मार्टफ़ोन उपयोग, यूपीआई, ऑनलाइन बैंकिंग और साइबर सुरक्षा का व्यावहारिक कंप्यूटर प्रशिक्षण।

लघु उद्योग इनक्यूबेशन सपोर्ट

पैकेजिंग, गुणवत्ता नियंत्रण, FSSAI पंजीकरण एवं ब्रांडिंग में विशेषज्ञों द्वारा सीधा मार्गदर्शन।

जिज्ञासा समाधान

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

जी हाँ, युगभारती इन्द्रप्रस्थ फाउन्डेशन आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित वर्ग की महिलाओं को सिलाई, हस्तशिल्प और लघु उद्योग का निःशुल्क प्रशिक्षण और आवश्यक टूलकिट प्रदान करती है।

SHG से जुड़ने पर महिलाएं नियमित बचत करती हैं, कम ब्याज पर ऋण प्राप्त करती हैं, सरकारी अनुदान योजनाओं से जुड़ती हैं और सामूहिक रूप से उत्पादन कर अपनी आय में वृद्धि करती हैं।

जी हाँ, सिलाई, अगरबत्ती, मोमबत्ती, खाद्य प्रसंस्करण व हस्तशिल्प जैसे कार्यों में संस्था कच्चा माल उपलब्ध कराती है तथा तैयार उत्पादों की बिक्री हेतु बाजार लिंकेज में पूरा सहयोग करती है।

हमारी विधिक सहायता प्रकोष्ठ के माध्यम से पीड़ित महिलाओं को निःशुल्क कानूनी परामर्श, पारिवारिक मध्यस्थता और पुलिस/प्रशासनिक स्तर पर पूर्णतः गोपनीय सहयोग प्रदान किया जाता है।

जी हाँ, युगभारती इन्द्रप्रस्थ फाउन्डेशन आयकर अधिनियम 1961 की धारा 80G के तहत पंजीकृत गैर-लाभकारी NGO है, अतः आपके द्वारा दिए गए सभी दानों पर आयकर में छूट की अधिकृत रसीद प्राप्त होती है।

नारी स्वावलंबन और सम्मान के इस महायज्ञ में सहभागी बनें

देश की हर बेटी और महिला को आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प में अपना सहयोग दें।

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