संस्कृति का संरक्षण, समाज का सशक्तिकरण

युगभारती इन्द्रप्रस्थ फाउन्डेशन

हमारा संकल्प: राष्ट्र के गौरवशाली अतीत को सहेजना और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुँचाना। हम कौशल विकास, महिला-बाल स्वास्थ्य, नारी सशक्तिकरण, अंत्योदय और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के माध्यम से एक समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में जुटे हैं।

परिचय एवं उद्देश्य (Introduction & Mission)

हमारे बारे में (About Us)

सांस्कृतिक पुनरुत्थान व सामाजिक-आर्थिक विकास

युगभारती इन्द्रप्रस्थ फाउन्डेशन एक गैर-लाभकारी संस्था (NGO) है, जो भारत के सांस्कृतिक पुनरुत्थान और सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए समर्पित है। 'इन्द्रप्रस्थ' की ऐतिहासिक और गौरवशाली भूमि से प्रेरित होकर, हमारा लक्ष्य आधुनिक तकनीकों और पारंपरिक मूल्यों के बीच एक सेतु बनाना है। हम समाज के वंचित वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने और देश की अनमोल विरासत को सुरक्षित रखने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।

10,000+ लाभान्वित नागरिक
50+ संरक्षण अभियान
100% समर्पित स्वयंसेवक

सांस्कृतिक संरक्षण

मंदिरों व धरोहरों का रखरखाव

स्वावलंबन व कौशल

युवाओं व महिलाओं का विकास

अंत्योदय संकल्प

अंतिम व्यक्ति का उत्थान

युगभारती सामाजिक विकास गतिविधियाँ

युगभारती समाज सेवा अभियान

इन्द्रप्रस्थ, नई दिल्ली - समर्पित जनसेवा नेटवर्क
सेवा एवं विकास क्षेत्र (Core Focus Areas)

हमारे मुख्य कार्यक्षेत्र (Our Services)

युगभारती इन्द्रप्रस्थ फाउन्डेशन द्वारा समाज सुधार, सांस्कृतिक पुनरुत्थान और जन कल्याण के लिए संचालित 5 प्रमुख आयाम।

1. कौशल विकास (Skill Development)

'सक्षम युवा, समृद्ध भारत'

आज का युवा भारत की सबसे बड़ी ताकत है। युगभारती इन्द्रप्रस्थ फाउन्डेशन युवाओं को रोजगारपरक और आधुनिक कौशल (Skills) प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

  • तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण: हम ग्रामीण और शहरी युवाओं को कंप्यूटर साक्षरता, डिजिटल स्किल्स और विभिन्न तकनीकी ट्रेडों में ट्रेनिंग देते हैं।
  • पारंपरिक हस्तशिल्प का पुनरुद्धार: स्थानीय कलाकारों और कारीगरों को आधुनिक बाजार के अनुकूल कौशल सिखाना ताकि हमारी पारंपरिक कलाएं जीवित रहें।
  • उद्यमिता विकास (Entrepreneurship): युवाओं को खुद का व्यवसाय शुरू करने के लिए मार्गदर्शन, मेंटरशिप और वित्तीय समझ प्रदान करना।

2. भारतीय मंदिरों और ऐतिहासिक इमारतों का रखरखाव (Maintenance of Indian Temples & Historic Buildings)

'धरोहर का संरक्षण, संस्कृति का सम्मान'

भारत की ऐतिहासिक इमारतें और मंदिर सिर्फ पत्थर के ढांचे नहीं, बल्कि हमारी जीवंत संस्कृति, विज्ञान और इतिहास के प्रतीक हैं। फाउन्डेशन इनके संरक्षण के लिए विशेष अभियान चलाता है।

  • जीर्णोद्धार और जीर्णोद्धार (Restoration): उपेक्षित और प्राचीन मंदिरों व ऐतिहासिक स्थलों की पहचान कर उनका वैज्ञानिक और पारंपरिक तरीकों से संरक्षण करना।
  • स्वच्छता और व्यवस्था: धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों पर स्वच्छता, पेयजल और आगंतुकों के लिए बुनियादी सुविधाएं विकसित करना।
  • सांस्कृतिक जागरूकता: युवाओं और पर्यटकों को इन धरोहरों के ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व से अवगत कराने के लिए गाइडेड टूर और सेमिनार आयोजित करना।

3. महिला एवं बाल स्वास्थ्य (Child and Women Health)

'स्वस्थ मां, सुरक्षित बचपन'

एक स्वस्थ समाज की नींव महिलाओं और बच्चों के अच्छे स्वास्थ्य पर टिकी होती है। हम समाज के सबसे संवेदनशील हिस्से को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए काम कर रहे हैं।

  • पोषण अभियान: गर्भवती महिलाओं और कुपोषित बच्चों को पौष्टिक आहार और सप्लीमेंट्स प्रदान करना।
  • स्वास्थ्य शिविर (Health Camps): ग्रामीण और झुग्गी-झोपड़ी वाले इलाकों में मुफ्त चिकित्सा जांच, दवा वितरण और टीकाकरण अभियान चलाना।
  • मातृत्व और शिशु देखभाल: संस्थागत प्रसव (Institutional Delivery) को बढ़ावा देना और नवजात शिशुओं की देखभाल के लिए माताओं को जागरूक करना।

4. महिला सशक्तिकरण (Women Empowerment)

'सशक्त नारी, सशक्त समाज'

महिलाओं को आत्मनिर्भर, सुरक्षित और आत्मविश्वासी बनाना युगभारती इन्द्रप्रस्थ फाउन्डेशन का मुख्य ध्येय है। जब एक महिला सशक्त होती है, तो पूरा परिवार और राष्ट्र आगे बढ़ता है।

  • आर्थिक आत्मनिर्भरता: स्वयं सहायता समूहों (SHGs) का गठन कर महिलाओं को सिलाई, बुनाई, गृह उद्योग और डिजिटल मार्केटिंग का प्रशिक्षण देना।
  • कानूनी और सामाजिक जागरूकता: महिलाओं को उनके अधिकारों, घरेलू हिंसा के खिलाफ कानूनों और लैंगिक समानता (Gender Equality) के प्रति जागरूक करना।
  • शिक्षा को बढ़ावा: बच्चियों की स्कूल ड्रॉप-आउट दर को कम करने के लिए स्कॉलरशिप और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना।

5. अंत्योदय (Antyoday)

'अंतिम व्यक्ति का उदय, हमारा संकल्प'

पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के 'अंत्योदय' के सिद्धांत पर चलते हुए, हमारा लक्ष्य समाज के सबसे पिछड़े, गरीब और हाशिए पर खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाना है।

  • बुनियादी आवश्यकताओं की पूर्ति: अत्यंत गरीब परिवारों को भोजन, वस्त्र, आश्रय और शुद्ध पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करना।
  • सरकारी योजनाओं का लाभ: अंत्योदय परिवारों को सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं (जैसे राशन, पेंशन, आयुष्मान भारत) से जोड़ना और फॉर्म भरने में मदद करना।
  • आपातकालीन सहायता: प्राकृतिक आपदाओं, महामारी या व्यक्तिगत संकट के समय बेसहारा और जरूरतमंद लोगों को तुरंत राहत सामग्री पहुंचाना।

1. कौशल विकास (Skill Development)

'सक्षम युवा, समृद्ध भारत'

आज का युवा भारत की सबसे बड़ी ताकत है। युगभारती इन्द्रप्रस्थ फाउन्डेशन युवाओं को रोजगारपरक और आधुनिक कौशल (Skills) प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

  • तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण: हम ग्रामीण और शहरी युवाओं को कंप्यूटर साक्षरता, डिजिटल स्किल्स और विभिन्न तकनीकी ट्रेडों में ट्रेनिंग देते हैं।
  • पारंपरिक हस्तशिल्प का पुनरुद्धार: स्थानीय कलाकारों और कारीगरों को आधुनिक बाजार के अनुकूल कौशल सिखाना ताकि हमारी पारंपरिक कलाएं जीवित रहें।
  • उद्यमिता विकास (Entrepreneurship): युवाओं को खुद का व्यवसाय शुरू करने के लिए मार्गदर्शन, मेंटरशिप और वित्तीय समझ प्रदान करना।

2. भारतीय मंदिरों और ऐतिहासिक इमारतों का रखरखाव

'धरोहर का संरक्षण, संस्कृति का सम्मान'

भारत की ऐतिहासिक इमारतें और मंदिर सिर्फ पत्थर के ढांचे नहीं, बल्कि हमारी जीवंत संस्कृति, विज्ञान और इतिहास के प्रतीक हैं। फाउन्डेशन इनके संरक्षण के लिए विशेष अभियान चलाता है।

  • जीर्णोद्धार और जीर्णोद्धार (Restoration): उपेक्षित और प्राचीन मंदिरों व ऐतिहासिक स्थलों की पहचान कर उनका वैज्ञानिक और पारंपरिक तरीकों से संरक्षण करना।
  • स्वच्छता और व्यवस्था: धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों पर स्वच्छता, पेयजल और आगंतुकों के लिए बुनियादी सुविधाएं विकसित करना।
  • सांस्कृतिक जागरूकता: युवाओं और पर्यटकों को इन धरोहरों के ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व से अवगत कराने के लिए गाइडेड टूर और सेमिनार आयोजित करना।

3. महिला एवं बाल स्वास्थ्य (Child and Women Health)

'स्वस्थ मां, सुरक्षित बचपन'

एक स्वस्थ समाज की नींव महिलाओं और बच्चों के अच्छे स्वास्थ्य पर टिकी होती है। हम समाज के सबसे संवेदनशील हिस्से को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए काम कर रहे हैं।

  • पोषण अभियान: गर्भवती महिलाओं और कुपोषित बच्चों को पौष्टिक आहार और सप्लीमेंट्स प्रदान करना।
  • स्वास्थ्य शिविर (Health Camps): ग्रामीण और झुग्गी-झोपड़ी वाले इलाकों में मुफ्त चिकित्सा जांच, दवा वितरण और टीकाकरण अभियान चलाना।
  • मातृत्व और शिशु देखभाल: संस्थागत प्रसव (Institutional Delivery) को बढ़ावा देना और नवजात शिशुओं की देखभाल के लिए माताओं को जागरूक करना।

4. महिला सशक्तिकरण (Women Empowerment)

'सशक्त नारी, सशक्त समाज'

महिलाओं को आत्मनिर्भर, सुरक्षित और आत्मविश्वासी बनाना युगभारती इन्द्रप्रस्थ फाउन्डेशन का मुख्य ध्येय है। जब एक महिला सशक्त होती है, तो पूरा परिवार और राष्ट्र आगे बढ़ता है।

  • आर्थिक आत्मनिर्भरता: स्वयं सहायता समूहों (SHGs) का गठन कर महिलाओं को सिलाई, बुनाई, गृह उद्योग और डिजिटल मार्केटिंग का प्रशिक्षण देना।
  • कानूनी और सामाजिक जागरूकता: महिलाओं को उनके अधिकारों, घरेलू हिंसा के खिलाफ कानूनों और लैंगिक समानता (Gender Equality) के प्रति जागरूक करना।
  • शिक्षा को बढ़ावा: बच्चियों की स्कूल ड्रॉप-आउट दर को कम करने के लिए स्कॉलरशिप और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना।

5. अंत्योदय (Antyoday)

'अंतिम व्यक्ति का उदय, हमारा संकल्प'

पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के 'अंत्योदय' के सिद्धांत पर चलते हुए, हमारा लक्ष्य समाज के सबसे पिछड़े, गरीब और हाशिए पर खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाना है।

  • बुनियादी आवश्यकताओं की पूर्ति: अत्यंत गरीब परिवारों को भोजन, वस्त्र, आश्रय और शुद्ध पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करना।
  • सरकारी योजनाओं का लाभ: अंत्योदय परिवारों को सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं (जैसे राशन, पेंशन, आयुष्मान भारत) से जोड़ना और फॉर्म भरने में मदद करना।
  • आपातकालीन सहायता: प्राकृतिक आपदाओं, महामारी या व्यक्तिगत संकट के समय बेसहारा और जरूरतमंद लोगों को तुरंत राहत सामग्री पहुंचाना।
सहभागिता का निमंत्रण (Invitation to Connect)

आइए, एक नए भारत के निर्माण में भागीदार बनें!

आप युगभारती इन्द्रप्रस्थ फाउन्डेशन के साथ एक स्वयंसेवक (Volunteer), दाता (Donor) या भागीदार (Partner) के रूप में जुड़ सकते हैं। आपका एक छोटा सा प्रयास किसी के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकता है।

स्वयंसेवक (Volunteer)

समय एवं कौशल का योगदान देकर मैदानी अभियानों में भाग लें।

स्वयंसेवक बनें (Join as Volunteer)

दाता (Donor)

कौशल विकास, स्वास्थ्य व जीर्णोद्धार परियोजनाओं का सहयोग करें।

दान प्रदान करें (Support Cause)

भागीदार (Partner)

संस्थाओं, CSR व ट्रस्ट के रूप में साझा मिशन के लिए जुड़ें।

संस्थागत भागीदार बनें (Partner With Us)
संवाद एवं संपर्क (Reach Out To Us)

संपर्क करें (Contact & Inquiry)

युगभारती इन्द्रप्रस्थ फाउन्डेशन से जुड़ने, प्रश्न पूछने अथवा सुझाव हेतु फॉर्म भरें।

कार्यालय संपर्क सूत्र

यदि आपके पास कोई प्रश्न है, या आप फाउन्डेशन के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं, तो आप सीधे हमारे कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

कार्यालय का पता (Office Address):
युगभारती इन्द्रप्रस्थ फाउन्डेशन, ए-9, तृतीय तल, सरस्वती बिहार, प्रीतमपुरा, नई दिल्ली - 110034
फोन नंबर (Phone Number): +91 9310397005
ईमेल (Email Address): info@ybip.org
आपकी व्यक्तिगत जानकारी हमारे पास पूर्णतः सुरक्षित रखी जाती है।

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